Saturday, January 19, 2019

https://www.nayasavera13.com/blog/18/कुम्भ 2019 के मुख्य आकर्षण/नए और आकर्षक टूरिस्ट वॉक/जलमार्ग

कुम्भ 2019 के मुख्य आकर्षण

नए और आकर्षक टूरिस्ट वॉक

उत्तर प्रदेश सरकार अपने वर्तमान सुनियोजित पर्यटक भ्रमण पथों में नवसुधार करेगी तथा प्रयागराज आने वाले सम्भावित पर्यटकों के लिए नवीन पथ भी आरम्भ करेगी। टूर आपरेटरो द्वारा प्रदत्त सेवा की गुणवत्ता में उन्नयन हेतु पर्यटन विभाग द्वारा संवेदनशीलता तथा विकास विषयक कार्यशालायें आयोजित की जायेगी।
पर्यटक-भ्रमण-पथों का विवरण प्रयागराज पर्यटन की बेवसाइट पर उपलब्ध होगी। इन पथो का संक्षिप्त विवरण निम्नवत् है :
यात्रा का आरंभ बिन्दु: शंकर विमान मण्डपम।
पहला पड़ाव: बड़े हनुमान जी का मंदिर।
दूसरा पड़ाव: पतालपुरी मंदिर।
तीसरा पड़ाव: अक्षयवट।
चौथा पड़ाव: इलाहाबाद फोर्ट।
भ्रमण का अंतिम बिन्दु: रामघाट (भ्रमण रामघाट पर समाप्त होगा)

जलमार्ग

प्रयागराज सदैव शताब्दियों से अपनी नदियां एवं जलमार्ग सम्बद्धता के कारण महतवपूर्ण रहा है। भूतकाल में प्रयागराज जल परिवहन मार्ग में महत्वपूर्ण ठहराव था किन्तु कालन्तर में जलमार्ग से यात्रा एवं परिवहन कम होती गयी। भारत सरकार इस महत्वपूर्ण मार्ग को पुनरूजीवित करने के लिये प्रत्येक सकारात्मक उपाय कर रही है। उस प्रक्रिया में अंतर्देशीय जल मार्ग प्राघीकरण ने सुजावन घाट पर अच्छी तरह से आई.डबलू.टी टर्मिनल स्थापित किया है। यह टर्मिनल यात्रियों एवं पर्यटको को भारत के प्राचीनतम जलमार्गो में से एक में यात्रा करने के लिए और सी.एल कस्तूरबा ( आई.डबलू.ए.आई का सेमी क्रूज) हेतु उपयोग में लाये जाते है। यह टर्मिनल और कुछ अतिरिक्त घाट यथा बोटकलब, गऊघाट, अरैल घाट का अपयोग पारंपरिक मोटर बोट चलाने के लिये किया जाता है। पारंपरिक मोटर बोट की सवारी यात्रियों को प्राचीन नगरी का अनुभव करायेगी और यह प्रयागराज मेला प्राधीकरण की परंपरा एवं इतिहास का संरक्षण और इसमें आने वाली पीढ़ियो में सुरक्षा उपयो के साथ प्रोन्नत प्रति निंष्ठा को प्रदर्शित करती है। कोई व्यक्ति नदी के माघ्यम से नगर के सौदंर्य का अनुसंधान करने के लिये इस प्राचीन मार्ग पर सवारी कर सकते हैं और तीर्थयात्री संगम पहुंचने के लिये भी इस सवारी का उपयोग कर सकते हैं जहां व स्नान धाटों पर स्नान करने का अवसर भी प्राप्त कर सकते हैं। इस बोट और क्रूज को सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं से सजित किया गया है जहाँ सारे यात्रियों को सुरक्षा जैकेट दिये जाते है। सभी उल्लिखित टर्मिनल और घाट पर निशित दरों की बोट टिकेटिंग काउन्टर उपलब्घ हैं जहां एक व्यक्ति चढ़ने के स्थान से संगम तक वापसी की यात्रा हेतु इलेक्ट्रानिक टिकट प्राप्त कर सकते है। इस सेवा का लाभ यात्रि इलेक्ट्रोनिक ऑन्लाइन टिकट कि वेबसाइटwww.pryagrajboatticketing.com से खरीद कर प्राप्त कर सकते है। प्रतिदिन सी.एल कस्तूरबा (सेमी क्रूज) पर 5.30 बजे अपराह्न से 8.30 बजे रात्री तक सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रात्रि भोजन का कार्यक्रम आरंभ हो जायेगा।

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